Nazm
Wednesday, 13 March 2019
हर दफ़ा तुम्हारे जाने पर मैनें रचे विदाई गीत, मेरे आँसुओं से भी नहीं मिटी, मेरे अहसासात की रोशनाई, तुम्हारे हर बार जाने पर, मरा मेरे दिल का एक हिस्सा, जो कभी वापिस जिंदा न हो सका, तुम्हारे लौट आने पर भी, यूँ किश्तों में मेरे दिल का मरना, शायद अंजाम हो गया है मेरे दिल का, सुनो अब तुम्हारी बारी है, लिखो एक मर्सिया, और पढ़ दो एक फातिया मेरे नाम का। -प्रीति शिवरंजनी
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